प्रत्येक परिस्थिति-उन्नतीकी सामग्री

shriram and nishadraj

Every Situation – Material for Progress Every Situation – Material for Progress सुखस्य दुःखस्य न कोऽपि दाता परो ददातीति कुबुद्धिरेषा। अहं करोमीति वृथाभिमानः स्वकर्मसूत्रे ग्रथितो हि लोकः॥ भगवान श्रीराम वनवासमे  गये तो दूसरी रात्रीमे  शृंगवेरपूरमे विश्राम किया. गुहने बहुत आदर-सत्कार किया. रात्रीके समय जब श्रीरामजी सो गये तब लक्ष्मणजी धनुष्य-बाण लेकर पहरेपर बैठ गये. वहा … Read more