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Ramadan 2026 Prayer Times - Aurangabad

رمضان 2026 نماز کے اوقات - اورنگ آباد

Location: Aurangabad (Chhatrapati Sambhajinagar), Maharashtra

🌅 Imsak 05:38 AM
🕌 Fajr 05:48 AM
☀️ Dhuhr 12:43 PM
Upcoming Prayer -- --:--
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🌇 Asr 04:03 PM
🌌 Isha 07:46 PM
Ramadan Date Day Sehri 🌅 Iftar 🌙
01Feb 19Thu05:41 AM06:30 PM
02Feb 20Fri05:40 AM06:31 PM
03Feb 21Sat05:39 AM06:31 PM
04Feb 22Sun05:39 AM06:31 PM
05Feb 23Mon05:38 AM06:32 PM
06Feb 24Tue05:38 AM06:32 PM
07Feb 25Wed05:37 AM06:33 PM
08Feb 26Thu05:36 AM06:33 PM
09Feb 27Fri05:36 AM06:33 PM
10Feb 28Sat05:35 AM06:34 PM
11Mar 01Sun05:34 AM06:34 PM
12Mar 02Mon05:34 AM06:34 PM
13Mar 03Tue05:33 AM06:35 PM
14Mar 04Wed05:32 AM06:35 PM
15Mar 05Thu05:31 AM06:35 PM
16Mar 06Fri05:31 AM06:36 PM
17Mar 07Sat05:30 AM06:36 PM
18Mar 08Sun05:29 AM06:36 PM
19Mar 09Mon05:28 AM06:36 PM
20Mar 10Tue05:27 AM06:37 PM
21Mar 11Wed05:27 AM06:37 PM
22Mar 12Thu05:26 AM06:37 PM
23Mar 13Fri05:25 AM06:38 PM
24Mar 14Sat05:24 AM06:38 PM
25Mar 15Sun05:23 AM06:38 PM
26Mar 16Mon05:22 AM06:39 PM
27Mar 17Tue05:21 AM06:39 PM
28Mar 18Wed05:20 AM06:39 PM
29Mar 19Thu05:19 AM06:40 PM
30Mar 20Fri05:18 AM06:40 PM
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How to Use This Calendar / اس کیلنڈر کو استعمال کرنے کا طریقہ


English:

  • Live Countdown: The blue card at the top shows the Upcoming Prayer for Aurangabad and counts down the exact hours, minutes, and seconds remaining.

  • Today’s Highlight: In the 30-day table, the current date is automatically highlighted in yellow to help you find today’s timings instantly.

  • Accuracy: All timings (Sehri, Iftar, and Salah) are specifically calculated for Aurangabad (Chhatrapati Sambhajinagar) based on local sun movements.


Urdu:

  • لائیو کاؤنٹ ڈاؤن: سب سے اوپر موجود نیلا کارڈ اورنگ آباد کے لیے اگلی نماز کا وقت دکھاتا ہے اور بتاتا ہے کہ اس میں کتنے گھنٹے، منٹ اور سیکنڈ باقی ہیں۔

  • آج کا وقت: 30 دن کے ٹیبل میں، موجودہ تاریخ کو خود بخود پیلے رنگ سے نمایاں (highlight) کیا گیا ہے تاکہ آپ آج کے اوقات فوری دیکھ سکیں۔

  • درستگی: سحری، افطار اور نماز کے تمام اوقات خاص طور پر اورنگ آباد (چھترپتی سنبھاجی نگر) کے مقامی وقت کے مطابق ترتیب دیے گئے ہیں۔

रमजान 2026: नमाज का समय, अज़ान और रकात – एक संपूर्ण जानकारी

मुस्लिम प्रार्थनाएँ: सालाह (नमाज), अज़ान और रकात

सालाह (Salah) सालाह, जिसका अर्थ ‘प्रार्थना’ या ‘विनती’ है, गैर-अरब मुसलमानों के बीच ‘नमाज’ के रूप में भी जाना जाता है। सालाह इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो इस धर्म के मुख्य विश्वासों और प्रथाओं का आधार बनते हैं।

इस्लाम के पांच स्तंभ इस प्रकार हैं:

  1. कलमा (शाहदा): अल्लाह के अलावा कोई ईश्वर नहीं है, और पैगंबर मुहम्मद (PBUH) अल्लाह के दूत हैं।

  2. नमाज (सालाह): दिन में पांच बार प्रार्थना करना।

  3. ज़कात: दान या दानशीलता।

  4. रोजा (सौम): रमजान के महीने में उपवास रखना।

  5. हज: मक्का की तीर्थयात्रा।

सालाह वयस्क मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। नमाज का समय सूर्य की गति के अनुसार निर्धारित किया जाता है और दिन में पांच बार इस प्रकार अदा की जाती है:

  • फज्र: भोर का समय, सूर्योदय से पहले।

  • धुहर: दोपहर, जब सूर्य अपने उच्चतम बिंदु को पार कर लेता है।

  • असर: दोपहर का अंतिम भाग।

  • मग़रिब: सूर्यास्त के तुरंत बाद।

  • इशा: सूर्यास्त और आधी रात के बीच।


मस्जिद में नमाज

मुसलमान कहीं भी नमाज पढ़ सकते हैं। हालांकि, कई मुसलमान मस्जिद में जमात (समूह) में नमाज पढ़ते हैं। मस्जिद मुसलमानों के लिए इबादत की जगह है। जमात में एक साथ प्रार्थना करने से मुसलमानों को यह अहसास होता है कि पूरी मानवता एक है और ईश्वर की नजर में सभी समान हैं।

जुमा (Jumuah)

पांच दैनिक नमाज के अलावा, शुक्रवार (जुमा) की नमाज अनिवार्य है। यह नमाज शुक्रवार को दोपहर की नमाज के स्थान पर एक खुत्बे (उपदेश) के साथ जमात में अदा की जाती है।


अज़ान: प्रार्थना के लिए पुकार

प्रार्थना के लिए सार्वजनिक पुकार को ‘अज़ान’ कहा जाता है। अज़ान मस्जिद से एक मुअज्ज़िन द्वारा दी जाती है। अज़ान के दौरान, मुअज्ज़िन “अल्लाहु अकबर” (अल्लाह सबसे बड़ा है) कहकर तकबीर पढ़ता है।

पूरी अज़ान इस प्रकार है:

  • अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है)

  • अशहदु अन ला इलाहा इल्लल्लाह (मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं)

  • अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह (मैं गवाही देता हूँ कि मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं)

  • हय्या अलस-सलाह (नमाज की तरफ आओ)

  • हय्या अलल-फलाह (कामयाबी की तरफ आओ)

  • अस्सलातु खैरुम-मिनन-नौम (नमाज नींद से बेहतर है – यह केवल फज्र की अज़ान में कहा जाता है)

  • अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है)

  • ला इलाहा इल्लल्लाह (अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं)


वज़ू करना

नमाज पढ़ने या पवित्र कुरान की तिलावत करने से पहले शरीर को धोने की क्रिया को ‘वज़ू’ (Ablution) कहा जाता है। नमाज की शुद्धता के लिए वज़ू अनिवार्य है।


सालाह (नमाज) में रकात

नमाज के दौरान की जाने वाली निर्धारित गतिविधियों और कुरान की आयतों के पाठ को ‘रकात’ कहा जाता है। यह इस्लामी प्रार्थना की एक इकाई है।

  • फज्र: इसमें दो अनिवार्य (फर्ज) रकात होती हैं।

  • धुहर: इसमें चार फर्ज रकात होती हैं।

  • असर: इसमें चार फर्ज रकात होती हैं।

  • मग़रिब: इसमें तीन फर्ज रकात होती हैं।

  • इशा: इसमें चार फर्ज रकात होती हैं।

अन्य महत्वपूर्ण नमाज:

  • तरावीह: यह केवल रमजान के पवित्र महीने में इशा की नमाज के साथ पढ़ी जाती है।

  • तहज्जुद: यह रात के आखिरी पहर में पढ़ी जाती है (अनिवार्य नहीं, लेकिन अत्यधिक पुण्यकारी है)।

  • ईद की नमाज: ईद-उल-फितर और ईद-उल-अधा पर अदा की जाती है।


नमाज की मुद्राओं (Positions) के लाभ

नमाज में विभिन्न मुद्राएं होती हैं जैसे कयाम, रुकू, सजदा और तशहुद। इनके शारीरिक लाभ भी हैं:

  1. कयाम (खड़े होना): यह शरीर के निचले हिस्से में रक्त के उचित प्रवाह को सुनिश्चित करता है और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

  2. रुकू (झुकना): यह मुद्रा पीठ के निचले हिस्से के लिए अच्छी है और पीठ दर्द से राहत दिलाती है। यह कलाई, घुटनों और टखनों के लचीलेपन को बढ़ाती है।

  3. सजदा (साष्टांग प्रणाम): सजदा मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बनाए रखता है और पिट्यूटरी और पीनियल ग्रंथियों को उत्तेजित करता है।

  4. तशहुद (बैठने की मुद्रा): यह योग के ‘वज्रासन’ के समान है। यह जांघ और पिंडली की मांसपेशियों को मजबूत करता है, पाचन में सुधार करता है और रीढ़ को सीधा रखता है।


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